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📰 FaithStories News Desk · Article #551 · Published: 05 Nov 2026, 05:25 AM UTC

आज: कोलकाता में 5 नवंबर को तीन जुलूसों के साथ ईसाइयों की प्रार्थना रैली, 11 राज्यों के चर्च नेता शामिल होंगे

कोलकाता की चौड़ी सड़क पर दोपहर में शांतिपूर्ण प्रार्थना जुलूस, पीछे से दिखते हजारों लोग हाथों में छोटे सादे मोमबत्तियां लिए, औपनिवेशिक इमारतें और ताड़ के पेड़, गर्म धूप, बिना पाठ
तीन प्रार्थना जुलूस दोपहर 12 बजे हावड़ा, सियालदह और बिड़ला तारामंडल से एक साथ निकलेंगे, खबरों के अनुसार।

आज दोपहर 12 बजे कोलकता की तीन अलग-अलग दिशाओं से प्रार्थना करते हुए लोग एक ही जगह की ओर चलेंगे। हावड़ा से, सियालदह से और बिड़ला तारामंडल से तीन जुलूस एक साथ निकलेंगे और आर. आर. एवेन्यू पर मिलकर एक संयुक्त प्रार्थना सभा करेंगे। यह राज्य स्तरीय प्राथना रैली बंगिया ख्रीस्तिया परिषद (BCP) ने बुलाई है, जो ऑल इंडिया क्रिश्चियन काउंसिल की पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत की शाखा है।

BCP का आरोप है कि पिछले चार महीनों में पश्चिम बंगाल में ईसाई समुदाय पर हमलों, उत्पीड़न और तोड़फोड़ की कई घटनाएं हुई हैं। संगठन का दावा है कि इंस्टीट्यूट फॉर हीलिंग एंड लीडरशिप ने हाल के महीनों में हिंसा, उत्पीड़न और तोड़फोड़ की 65 घटनाएं दर्ज की हैं, जबकि BCP को अलग से 47 और मामलों की रिपोर्ट मिली है। संगठन का यह भी आरोप है कि पुलिस की अनिच्छा, धमकी और दबाव के बावजूद पीड़ित सिर्फ 15 मामलों में ही प्राथमिकी दर्ज करा सके।

रैली में अलग-अलग जिलों से हजारों लोगों के आने की उम्मीद है, खबरों के अनुसार। इसमें ऑल इंडिया क्रिश्चियन काउंसिल के अध्यक्ष आर्कबिशप जोसेफ डिसूजा, नेशनल काउंसिल ऑफ बैपटिस्ट चर्चेज के राष्ट्रीय सचिव रेवरेंड समरेश नाइक और 11 पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों के चर्च निकायों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। यह रैली जुलाई में शुरू हुई एक बड़ी शांतिपूर्ण मुहिम का केंद्र है, जिसके तहत राज्य में 100 क्षेत्रीय शांति रैलियों की योजना बनी थी और 5 नवंबर की कोलकाता सभा को महा प्रार्थना रैली के रूप में देखा गया था।

जुलाई की शुरुआती योजना में इस महा सभा में एक लाख से ज्यादा लोगों के आने की उम्मीद जताई गई थी, पुरानी खबरों के अनुसार। नवंबर की ताजा खबरों में आयोजकों की उम्मीद हजारों लोगों की बताई गई है। दोनों आंकड़ों के बीच का फर्क यह दिखाता है कि चार महीनों में हालात और तैयारियां कैसे बदली हैं। आज की रैली का असली पैमाना दोपहर के जुलूसों में ही दिखेगा, जब तीनों दिशाओं से लोग आर. आर. एवेन्यू पर मिलेंगे।

कोलकाता प्रार्थना रैली से पहले BCP की RSS नेता से मुलाकात

रैली से ठीक पहले BCP के नेताओं ने पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) नेता जिष्णु साहा से मुलाकात की, 5 नवंबर की खबर के अनुसार। नेताओं ने चर्चों पर हालिया भीड़ के हमलों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। BCP ने कहा कि इस साल राज्य के 13 जिलों में कम से कम 60 घटनाएं दर्ज हुई हैं, और हिंसा में वृद्धि का हवाला दिया।

खबर के अनुसार, साहा ने वादा किया कि संवाद जारी रहेगा और हमलों तथा धर्मांतरण के आरोपों दोनों की जांच होनी चाहिए। यह मुलाकात इसलिए अहम है क्योंकि कई घटनाएं जबरन धर्मांतरण के दावों से जुड़ी बताई जाती हैं। BCP का रुख यह है कि प्रार्थना सभाओं पर हमले अल्पसंख्यक समुदाय को डराने की कोशिश हैं, जबकि जांच की मांग दोनों पक्षों के आरोपों पर उठ रही है।

रैली की पृष्ठभूमि में सोमवार को हुई एक जन सुनवाई भी है, जिसे करवां-ए-मोहब्बत, सबर इंस्टीट्यूट और आमरा एक सचेतन प्रयास ने मिलकर आयोजित किया था। पहले दिन इस ट्रिब्यूनल ने भीड़ के हमलों, पुलिस की निष्क्रियता और ईसाइयों पर झूठे आरोपों के बारे में पीड़ितों और विशेषज्ञों की 15 गवाहियां सुनीं, खबरों के अनुसार। दूसरे दिन पैनल ने अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ कथित दुर्व्यवहार के और ब्योरे सुने।

बसंती चर्च उद्घाटन हमला और पश्चिम बंगाल में ईसाइयों पर हमले

रैली से कुछ दिन पहले, 1 नवंबर को दक्षिण 24 परगना के बसंती इलाके के नारायणतला में एक नए चर्च के उद्घाटन समारोह के दौरान हमला हुआ था, खबरों के अनुसार। पुलिस के अनुसार, 30 से 35 लोगों की भीड़ चर्च परिसर में घुस आई और वहां मौजूद लोगों से मारपीट की। बिशप सुब्रत चक्रवर्ती और कई पादरी तथा श्रद्धालु उद्घाटन समारोह के लिए वहां इकट्ठा हुए थे।

हमलावरों ने चर्च की संपत्ति में तोड़फोड़ की, क्रॉस को नुकसान पहुंचाया और घटना की रिकॉर्डिंग कर रहे लोगों के मोबाइल फोन तोड़ दिए, पुलिस के अनुसार। BCP ने इस घटना की कड़ी निंदा की और इसे अल्पसंख्यक समुदाय को डराने-धमकाने की सोची-समझी कोशिश बताया। संगठन के संस्थापक राज्य सचिव और कार्यकारी अध्यक्ष हेरोड मल्लिक ने कहा कि यह एक अभूतपूर्व घटना है, जिसमें बिशप की मौजूदगी में उद्घाटन समारोह के दौरान कई पादरियों को पीटा गया।

वहीं, बसंती पुलिस थाने के अधिकारियों ने शुरुआती जांच में दो स्थानीय चर्च समूहों के बीच पहले से मौजूद विवाद की ओर भी इशारा किया है, खबरों के अनुसार। जांच अभी जारी है और पुलिस का विस्तृत बयान आना बाकी है। दोनों बातों को साथ रखना जरूरी है: BCP हमले को समुदाय पर हमला मानता है, और पुलिस एक स्थानीय विवाद की संभावना की भी जांच कर रही है।

पश्चिम बंगाल में ईसाइयों की स्थिति पहले भी इस साइट पर दर्ज हुई है, जैसे आज: तेलंगाना के अलमासगुडा में दो ईसाई महिलाओं से मारपीट का वीडियो वायरल, पुलिस जांच कर रही है से अलग, बंगाल के संदर्भ में हैदराबाद में ईसाइयों के लिए कब्र की जगह खत्म: 300 किलोमीटर दूर खेत में दफनाए गए जॉन सुकुमार में समुदाय की मुश्किलों का एक और पहलू सामने आया था। चर्चों को विदेशी चंदे से जुड़े सवालों पर आज: शिलांग में FCRA पर जेपीसी की बैठक, चर्चों को विदेशी चंदे का सिर्फ 6 प्रतिशत मिलने का दावा में भी चर्चा हुई थी, और मणिपुर में शांति वार्ता पर आज: मणिपुर में पांच कुकी लोगों की हत्या से शांति वार्ता खतरे में, चर्च नेता ने जांच की मांग की में चर्च नेताओं की आवाज उठी थी।

आज की रैली का सवाल सीधा है: क्या प्रार्थना की आवाज उन 15 प्राथमिकी तक सीमित रह जाएगी, जिनका जिक्र BCP ने किया है, या वह जांच और सुरक्षा की ठोस कार्रवाई में बदलेगी? जिष्णु साहा से मुलाकात में संवाद जारी रखने का वादा हुआ है, लेकिन वादे की परीक्षा जुलूसों के बाद शुरू होगी। कोलकाता की सड़कों पर आज दोपहर जो लोग मोमबत्तियां लिए चलेंगे, वे सिर्फ प्रार्थना नहीं कर रहे होंगे — वे यह भी पूछ रहे होंगे कि अगली प्रार्थना सभा बिना डर के कब होगी, और इसका जवाब अब प्रशासन, पुलिस और समाज तीनों को मिलकर देना होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आज कोलकाता में प्रार्थना रैली क्यों हो रही है?

BCP का आरोप है कि पिछले चार महीनों में पश्चिम बंगाल में ईसाई समुदाय पर हमलों, उत्पीड़न और तोड़फोड़ की घटनाएं हुई हैं, इसलिए राज्य स्तरीय प्रार्थना रैली बुलाई गई है।

तीन जुलूस कहां से निकलेंगे?

दोपहर 12 बजे हावड़ा, सियालदह और बिड़ला तारामंडल से एक साथ, और तीनों आर. आर. एवेन्यू पर मिलकर संयुक्त प्रार्थना सभा करेंगे।

रैली में कौन-कौन शामिल होगा?

आर्कबिशप जोसेफ डिसूजा, रेवरेंड समरेश नाइक और 11 पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों के चर्च निकायों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है।

BCP ने कितनी घटनाओं का दावा किया है?

इंस्टीट्यूट फॉर हीलिंग एंड लीडरशिप की 65 घटनाएं और BCP को मिली 47 अतिरिक्त रिपोर्ट, जबकि सिर्फ 15 मामलों में प्राथमिकी दर्ज हो सकी, संगठन के अनुसार।

RSS नेता से मुलाकात में क्या हुआ?

5 नवंबर की खबर के अनुसार, जिष्णु साहा ने वादा किया कि संवाद जारी रहेगा और हमलों तथा धर्मांतरण के आरोपों दोनों की जांच होनी चाहिए।

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