आज: तेलंगाना के अलमासगुडा में दो ईसाई महिलाओं से मारपीट का वीडियो वायरल, पुलिस जांच कर रही है

3 नवंबर को एक वीडियो फोन से फोन तक पहुँचा और देखते ही देखते पूरे इलाके की बातचीत का विषय बन गया। वीडियो में दो महिलाएँ एक सड़क के पास खड़ी दिख रही हैं और एक व्यक्ति उनसे सवाल पूछते हुए उनके साथ मारपीट करता दिखाई दे रहा है।
तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में धर्मांतरण के आरोप को लेकर दो ईसाई महिलाओं के साथ मारपीट का मामला सामने आया है, आज तक के अनुसार। हैदराबाद के बाहरी इलाके अलमासगुडा में एक शख्स ने दोनों महिलाओं को कथित तौर पर कई थप्पड़ मारे। जानकारी के मुताबिक, यह घटना रंगारेड्डी जिले के अलमासगुडा इलाके में डॉ. बीआर आंबेडकर की प्रतिमा के पास हुई, आज तक के अनुसार।
यह इलाका मीरपेट पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है। 3 नवंबर को सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में एक शख्स दो महिलाओं को बार-बार थप्पड़ मारता दिखाई दे रहा है, आज तक के अनुसार। वीडियो में आरोपी महिलाओं से उनके धार्मिक कार्यों को लेकर सवाल-जवाब करता और उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता दिखाई दे रहा है, आज तक के अनुसार।
अलमासगुडा में क्या आरोप लगाया गया और महिलाओं ने क्या कहा
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी और उसके साथ मौजूद लोगों ने महिलाओं पर आरोप लगाया कि वे बच्चों को चॉकलेट बांटकर उनका धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश कर रही थीं, आज तक के अनुसार। हालांकि, महिलाओं ने इन आरोपों से इनकार किया। महिलाओं ने बताया कि वे इलाके में अपनी आंटी से मिलने आई थीं, आज तक के अनुसार।
डेक्कन क्रॉनिकल में आरोप का एक अलग संस्करण दर्ज है, और दोनों संस्करणों के बीच अंतर को छिपाया नहीं जाना चाहिए। डेक्कन क्रॉनिकल के अनुसार, यह घटना कथित तौर पर मीरपेट पुलिस स्टेशन की सीमा के तहत अलमासगुडा में हुई, जहाँ स्थानीय लोगों ने कथित तौर पर दो महिलाओं को स्कूली लड़कियों के बीच ईसाई धर्म का प्रचार करने और धर्मांतरण का प्रयास करने के आरोप में पकड़ा था। दोनों विवरण आरोप हैं, तथ्य नहीं।
वीडियो में एक शख्स महिलाओं के साथ गाली-गलौज करता और उनके सामान की तलाशी लेकर धार्मिक सामग्री तलाशने की कोशिश करता भी दिखाई दे रहा है, आज तक के अनुसार।
सबिता इंद्रा रेड्डी ने हमले की निंदा की और पुलिस से कार्रवाई की मांग की
इस घटना पर बीआरएस नेता और तेलंगाना की पूर्व मंत्री सबिता इंद्रा रेड्डी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है, आज तक के अनुसार। उन्होंने 3 नवंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर घटना का वीडियो सामने आने के बाद महिलाओं के साथ हुई कथित मारपीट की निंदा की। डेक्कन क्रॉनिकल के अनुसार, पूर्व मंत्री और बीआरएस विधायक सबिता इंद्रा रेड्डी ने बुधवार को अलमासगुडा में दो महिलाओं पर कथित हमले की निंदा की और तेलंगाना पुलिस से जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया।
सबिता इंद्रा रेड्डी ने कहा कि रंगारेड्डी जिले के अलमासगुडा में एक व्यक्ति द्वारा दो महिलाओं पर हमला करने के दृश्य बेहद परेशान करने वाले हैं, आज तक के अनुसार। उनके मुताबिक, किसी भी सभ्य समाज में महिलाओं के साथ इस तरह की हिंसा स्वीकार नहीं की जा सकती। आरोप अपनी जगह हैं, लेकिन हिंसा का अधिकार किसी को नहीं है, उन्होंने कहा, आज तक के अनुसार।
डेक्कन क्रॉनिकल में छपा उनका बयान, हिन्दी अनुवाद में, इस प्रकार है: यदि किसी को धार्मिक स्वतंत्रता के मामलों पर आपत्ति है, तो उसे कानूनी माध्यमों से उठाना चाहिए। महिलाओं के खिलाफ शारीरिक हिंसा का सहारा लेना किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं है। डेक्कन क्रॉनिकल के अनुसार, उन्होंने तेलंगाना पुलिस से तत्काल प्रतिक्रिया, अपराधियों की पहचान, कानूनी कार्रवाई, पीड़ितों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने की मांग की।
मीरपेट पुलिस वीडियो की सत्यता की जांच कर रही है
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मीरपेट पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, आज तक के अनुसार। पुलिस का कहना है कि वीडियो की सत्यता और घटना से जुड़ी अन्य जानकारियों की पुष्टि की जा रही है। वीडियो की सत्यता को अभी सिद्ध तथ्य नहीं कहा जा सकता, क्योंकि पुलिस स्वयं उसकी पुष्टि कर रही है।
मीरपेट थाने के स्टेशन हाउस ऑफिसर बी. शोभन के मुताबिक, 3 नवंबर तक इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी, आज तक के अनुसार। पुलिस ने कहा है कि वह घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी, और जरूरत पड़ने पर स्वत: संज्ञान लेकर भी कार्रवाई की जा सकती है। इस लेख में गिरफ्तारी या किसी औपचारिक शिकायत के दर्ज होने का दावा नहीं किया गया है, क्योंकि खुले स्रोतों में ऐसी कोई पुष्टि नहीं है।
ऑनलाइन बहस में कुछ लोगों ने इस पूरे विवाद को धर्मातरण कहकर साझा किया और जल्दबाजी में निष्कर्ष निकाल लिए, जबकि पुलिस की जांच अभी जारी है। घटना की सटीक तारीख के बारे में भी इस लेख में कोई दावा नहीं किया गया है, क्योंकि खुले स्रोत केवल वीडियो के 3 नवंबर को सामने आने की बात कहते हैं।
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अब सबकी नजर मीरपेट पुलिस की जांच पर है, क्योंकि वीडियो की सत्यता, आरोपों की सच्चाई और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अगले कदम ही बताएंगे कि अलमासगुडा की इस सड़क पर सच में क्या हुआ था।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
3 नवंबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें अलमासगुडा में एक व्यक्ति दो ईसाई महिलाओं के साथ कथित तौर पर मारपीट करता दिखाई दे रहा है, आज तक के अनुसार।
आरोप लगाया गया कि वे धर्म परिवर्तन का प्रयास कर रही थीं, लेकिन महिलाओं ने इन आरोपों से इनकार किया है, आज तक के अनुसार। डेक्कन क्रॉनिकल में आरोप का संस्करण स्कूली लड़कियों के बीच प्रचार से जुड़ा है, जिसे आरोप के रूप में ही लिखा गया है।
नहीं, धर्मांतरण केवल एक आरोप है, जिसे महिलाओं ने खारिज किया है। इस लेख में इसे तथ्य के रूप में नहीं लिखा गया है।
मीरपेट पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और वीडियो की सत्यता व घटना से जुड़ी अन्य जानकारियों की पुष्टि कर रही है, आज तक के अनुसार।
मीरपेट थाने के स्टेशन हाउस ऑफिसर बी. शोभन के मुताबिक, 3 नवंबर तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी, आज तक के अनुसार।
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