गोवा में सभी संतों का पर्व: सैकड़ों बच्चे संत बनकर चर्च पहुँचे

सैकड़ों बच्चे अपने पसंदीदा संतों की वेशभूषा पहनकर गोवा के एल्डोना स्थित सेंट थॉमस चर्च पहुँचे। हेराल्ड गोवा की वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, यूखरिस्तीय उत्सव की अध्यक्षता पैरिश पुरोहित फादर जो रॉड्रिग्स ने की, और उत्सव की शुरुआत बच्चों के रंग-बिरंगे जुलूस से हुई, जिसमें हर कक्षा के बच्चे अपने संरक्षक संत का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।
जुलूस के साथ «व्हेन द सेंट्स गो मार्चिंग इन» भजन गाया गया। हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार, यह उत्सव कैटेकिटिकल अपोस्टोलेट द्वारा आयोजित किया गया था, और बच्चे अपनी कक्षा के संरक्षक संतों का प्रतिनिधित्व करते हुए चर्च में दाखिल हुए।
एक बार मडगांव में 70 से अधिक बच्चे अपने पसंदीदा संतों की वेशभूषा पहनकर चर्च में जुलूस के साथ दाखिल हुए थे। मिस्सा के अंत में हर बच्चे ने उस संत का परिचय दिया, जिसका वह प्रतिनिधित्व कर रहा था, और उसे «आई एम अ सेंट इन द मेकिंग» लिखा हुआ बैज मिला, हेराल्ड गोवा की रिपोर्ट के अनुसार।
यह बैज सिर्फ एक यादगार नहीं था। हेराल्ड गोवा के अनुसार, इस पहल ने बच्चों को संतों के जीवन और गुणों को जानने के लिए प्रोत्साहित किया, और उन्हें यह पहचानने में मदद की कि पवित्रता बचपन से ही शुरू होती है।
सभी संतों का पर्व हर साल 1 नवंबर को मनाया जाता है। हेराल्ड गोवा के लेख के अनुसार, इस पर्व का संदेश यही है कि हर कोई संत बनने के लिए बुलाया गया है, और गोवा में कुछ पैरिश इस अवसर को बच्चों को उनके पसंदीदा संतों की वेशभूषा पहनाकर और जुलूसों व आस्था-आधारित गतिविधियों में भाग लेकर मनाते हैं।
“हर कोई संत बनने के लिए बुलाया गया है। पवित्रता सिर्फ पुरोहितों, धार्मिकों या मिशनरियों के लिए नहीं है।” — हेराल्ड गोवा के लेख का सार, द्वितीय वेटिकन परिषद के दस्तावेज़ लूमेन जेंटियम के हवाले से
अपने धर्मोपदेश में फादर जो ने बच्चों को याद दिलाया कि कमजोरियों और कमियों के बावजूद हर कोई पवित्रता के लिए बुलाया गया है। हेराल्ड की वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने बच्चों को संत जोसेफ वाज़, मदर टेरेसा और संत कार्लो अक्यूटिस के उदाहरणों का अनुसरण करने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने बच्चों से कहा कि वे विश्वास में साहस दिखाएँ, प्रेम के साथ दया के छोटे-छोटे काम करें, और यीशु को अपने जीवन के केंद्र में रखें। हेराल्ड की वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, उत्सव ने इस बात पर प्रकाश डाला कि संतत्व की शुरुआत रोज़मर्रा के जीवन में विश्वास, प्रार्थना, दया और प्रेम से होती है।
सेंट्स गो मार्चिंग इन: मडगांव के सात साल और एल्डोना में नई शुरुआत
फादर जो रॉड्रिग्स ने मडगांव में यह कार्यक्रम सात साल तक चलाया। हेराल्ड गोवा के अनुसार, वहाँ कैटेकिज्म के बच्चे संतों की वेशभूषा पहनकर «सेंट्स गो मार्चिंग इन» की वाद्य धुन पर चर्च में जुलूस के साथ दाखिल होते थे, और मिस्सा के अंत में हर बच्चा अपने संत का परिचय देता था।
इस साल यह पहल एल्डोना चर्च में जारी रही, जहाँ फादर जो वर्तमान में पैरिश पुरोहित के रूप में सेवा कर रहे हैं। हेराल्ड गोवा के अनुसार, यह कार्यक्रम बच्चों को पवित्रता के अपने आह्वान को अपनाने के लिए प्रेरित करने का एक और अवसर देता है।
चुनौती सिर्फ किसी संत का प्रतिनिधित्व करना नहीं है, बल्कि उस संत के जीवन से सीखना है, लेख में कहा गया है। संत पतरस ने यीशु का इनकार किया, लेकिन उन्हें बहाल किया गया और एक मिशन सौंपा गया; संत अगस्टीन का गहरा रूपांतरण हुआ; संत फ्रांसिस ने गरीबी और सादगी को अपनाया; और संत टेरेसा ने महान प्रेम के साथ किए गए साधारण कामों में पवित्रता पाई, हेराल्ड गोवा के अनुसार।
सेंट्स डॉट कॉम: मापुसा डीनरी के बच्चे संस्थापकों और सुधारकों के जीवन से सीखते हैं
गोवा में बच्चों के बीच पवित्रता को बढ़ावा देने वाली एक और पहल «सेंट्स डॉट कॉम» है। हेराल्ड गोवा के अनुसार, यह कार्यक्रम मापुसा डीनरी की कैटेकिटिकल इकाई द्वारा हर साल आयोजित किया जाता है, और इसकी शुरुआत फादर लुइस गोम्स ने तब की थी, जब वे मापुसा के सेंट जेरोम चर्च में सहायक पैरिश पुरोहित थे।
इसका उद्देश्य बच्चों को संतों से सीखने और मसीह का अनुकरण करने में मदद करना है। यह दिन भर का कार्यक्रम डीनरी के विभिन्न पैरिशों के बच्चों को कैथोलिक संतों के जीवन पर केंद्रित गतिविधियों के लिए एक साथ लाता है, हेराल्ड गोवा के अनुसार।
इस साल यह कार्यक्रम धार्मिक संघों और मंडलियों के संस्थापकों और सुधारकों पर केंद्रित होगा। हर पैरिश या चैपल से कहा गया है कि वह एक संत को चुने और निबंध लेखन, कविता पाठ, एकांकी नाटक, वीडियो प्रस्तुति, प्रार्थना नृत्य, समूह गायन, एकालाप, चित्रकारी और कोलाज के माध्यम से उस संत के जीवन को प्रस्तुत करे, हेराल्ड गोवा के अनुसार।
द्वितीय वेटिकन परिषद के दस्तावेज़ लूमेन जेंटियम के पाँचवें अध्याय में कहा गया है कि सभी विश्वासी, चाहे उनकी जीवन-स्थिति कुछ भी हो, पवित्रता और दान की पूर्णता के लिए बुलाए गए हैं। हेराल्ड गोवा के लेख के अनुसार, पवित्रता बच्चों, माता-पिता, शिक्षकों, श्रमिकों और समर्पित व्यक्तियों — सभी के लिए है।
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एल्डोना में जुलूस खत्म हो चुका है और बैज बाँटे जा चुके हैं, लेकिन फादर जो का सवाल अब भी खुला है: जब ये बच्चे बड़े होकर अपने बच्चों के साथ चर्च जाएँगे, तो क्या वे भी किसी संत की वेशभूषा पहनेंगे — और कौन सा संत होगा, जिसे वे अपने बच्चों को सबसे पहले दिखाना चाहेंगे?
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हेराल्ड गोवा की वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, सैकड़ों बच्चे अपने पसंदीदा संतों की वेशभूषा पहनकर सेंट थॉमस चर्च, एल्डोना पहुँचे। फादर जो रॉड्रिग्स की अध्यक्षता में यूखरिस्तीय उत्सव हुआ, और उत्सव की शुरुआत बच्चों के जुलूस से हुई, जिसमें वे अपनी कक्षा के संरक्षक संतों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।
हेराल्ड गोवा के अनुसार, यह फादर जो रॉड्रिग्स की पहल है, जो उन्होंने मडगांव के अवर लेडी ऑफ ग्रेस चर्च में सात साल तक कैटेकिज्म के बच्चों के लिए चलाई। बच्चे संतों की वेशभूषा पहनकर चर्च में दाखिल होते थे, अपने संत का परिचय देते थे और «आई एम अ सेंट इन द मेकिंग» बैज पाते थे। अब यह पहल एल्डोना में जारी है।
हेराल्ड की वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि कमजोरियों के बावजूद हर कोई पवित्रता के लिए बुलाया गया है, और बच्चों को संत जोसेफ वाज़, मदर टेरेसा और संत कार्लो अक्यूटिस के उदाहरणों का अनुसरण करने, विश्वास में साहस दिखाने, दया के छोटे काम करने और यीशु को जीवन के केंद्र में रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
हेराल्ड गोवा के अनुसार, यह मापुसा डीनरी की कैटेकिटिकल इकाई का वार्षिक कार्यक्रम है, जिसकी शुरुआत फादर लुइस गोम्स ने की थी। इस साल यह धार्मिक संघों के संस्थापकों और सुधारकों पर केंद्रित है, और बच्चे निबंध, कविता, नाटक, वीडियो, नृत्य, गायन और चित्रकारी के माध्यम से चुने गए संत का जीवन प्रस्तुत करेंगे।
यह खबर हेराल्ड गोवा के 1 नवंबर 2026 के लेख «ऑल सेंट्स डे: फ्रॉम सेलिब्रेटिंग सेंट्स टू लिविंग होलीनेस» और हेराल्ड गोवा की उसी उत्सव की वीडियो रिपोर्ट पर आधारित है। दोनों एक ही प्रकाशक के हैं, इसलिए इस लेख के सभी तथ्य हेराल्ड गोवा के हवाले से प्रस्तुत किए गए हैं, और कोई दूसरा स्वतंत्र स्रोत नहीं मिला है।
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